मुर्ख लाठी पठ्ठा सऽ वार करैत छै
बुद्धिजीवी शब्देस प्रहार करैत छै…!!
माहोल कतनो गरमाएल रहौक
विद्वान विवेकसऽ वार करैत छै…!!
भैसकऽ आगु बिन नए बजाकऽ
शान्ति माहोल स्वीकार करैत छै…!!
दलाल कमिसनसऽ वञ्चित जखने
तखने सब पर अत्याचार करैत छै…!!
साँच बजएलेल हिम्मत नै कनिको
सदखन झुठकऽ व्यापार करैत छै ….!!
शब्दे घाव अछी शब्दे सऽ मलहम
शब्दे छात्तीकऽ चिरफार करैत छै …!!
रामायण,महाभारत चाहे गीता,कुराण
सबमे नारीए तिलके तार करैत छै …!!
गायत्रीके आत्मामे चोट जौ पहुचए
शब्देसऽ ओ हिंसाके प्रचार करैत छै….!!
✍️✍️गायत्री✍️✍️
२०८०/११/२१
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